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इंदौर जिले में केंद्रीय सेन समिति अध्यक्ष कॉलोनाइजर अरविंद परमार के अंधे कत्ल का पर्दाफाश, शूटर सहित 4 गिरफ्तार, 20 लाख की सुपारी लेकर की गई थी हत्या

रिपोर्ट कंवलजीत सिंह ibn24x7news

इंदौर। इंदौर जिले में हुए केंद्रीय सेन समिति अध्यक्ष कॉलोनाइजर अरविंद परमार के अंधे कत्ल का पर्दाफाश कर पुलिस ने शूटर सहित 4 को गिरफ्तार कर लिया है। वारदात मे प्रयुक्त देशी पिस्टल , चाकू एंव मोबाईल भी जप्त कर लिए गए हैं।

इस वारदात मे लिप्त चार आरोपीगण शशिकांत पिता माखन लाल निवासी पालिया, नयन पिता माखन लाल मण्डलोई निवासी पालिया, शुभम पिता माणक निवासी पालिया औरसोनु पिता बलवीर निवासी बाणगंगा को गिरफतार किया गया है तथा प्रकरण मे आरोपी अर्जुन पिता भागीरथ पवार निवासी बाणगंगा फरार है। एवं अमन पिता मोहनलाल निवासी पालिया के सबंध मे जो न्यायालीन अभिरक्षा मे है उससे पूछताछ कर वैधानिक कार्यवाही की जायेगी।
यह था मामला

गत 21 अक्टूबर को शाम 6 बजे थाना हातोद के ग्राम पालिया मे मृतक अरविंद पिता मूलशंकर परमार निवासी वेंकटेश विहार कालोनी इन्दौर व उसका कालोनाईजर पार्टनर मनोज पिता विक्रम सिंह निवासी पालिया अपने विनायक कंट्रक्शन के आफिस मे बैठे थे, उसी समय दो अज्ञात व्यक्ति मोटरसाईकल से आये और मृतक अरविंद परमार का नाम पूछा व अरविंद द्वारा हां करने पर उस पर जान से मारने की नियत से कट्टे से फायर करके गोली मार दी व दुसरे व्यक्ति ने पिस्टल से मनोज पटेल को जान से मारने की नियत से गोली मार दी, जो मनोज पटेल के बचाव करने पर हाथ मे गोली लगी थी। मनोज पटेल आफिस से अपना बचाव कर भाग गया और मृतक अरविंद को दोनो अज्ञात व्यक्तियो ने चाकूओ से लगातार वार कर हत्याकर मोटरसाईकल से फ़रार हो गये।
एडीजी वरुण कपूर, एसएसपी रुचिवर्धन मिश्र ने हत्यारों को पकड़ने के लिए 6 टीमे बनाई। इनमे एसपी अवधेश कुमार गोस्वामी व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मनीष खत्री, नगर पुलिस अधीक्षक अन्नपूर्णा पुनित गेहलोत व नगर पुलिस अधीक्षक गाँधीनगर सौम्या जैन, थाना, प्रभारी हातोद, आर.सी.भास्करे ,थाना प्रभारी एरोड्रम अशोक पाटीदार ,थाना प्रभारी गाँधीनगर संजय बैस व क्राईम ब्रांच के उनि रघुनाथसिहं शक्तावत ,थाना हातोद उपनि.रमेश चौहान ,थाना गाँधीनगर सउनि रामसेवक मीणा, क्राईम ब्रांच के सउनि सौभाग्यसिहं , प्र,आर भागवत कोली ,आर. विनोद पटेल, अनिलसिहं बिसेन , धीरज पांडे , योगेश डाबी थाना हातोद के शैलेन्द्रसिहं बघेल. मयलकांत ,आर. संजय पटेल,आर, मनीष आर.मनोज, विपिन पाठक, धर्मेन्द्र , पवन पांडे के द्वारा लगातार प्रकरण मे जांच कर उल्लेखनीय कार्य किया गया।

ये बिंदु सामने आए

विवेचना के दौरान ज्ञात हुआ की मृतक अरविन्द परमार के व्दारा ग्राम पालिया मे सुपर सिटी नाम से कालोनी बनाई जा रही थी । जिसमे जमीन के सम्बधं मे दिलीप चौधरी से उक्त कालोनी की जमीन के लिये रेशो एग्रीमेन्ट किया गया था ।

पूर्व मे दिलीप चौधरी का उसी जमीन के सिलसिले मे अमन पिता मोहन निवासी पालीया व उसके साथी शशिकांत पिता माखनलाल व नयन पिता माखनलाल मण्डलोई निवासी पालिया से रूपयो का लेन देन था जिसमे दिलीप चौधरी ने अपनी चार बीघा जमीन का पावर एग्रीमेन्ट 11 माह के लिये अमन और उसके साथीगणो के साथ किया था जिसको चुकाने के लिये दिलीप व्दारा अमन को 21-21 लाख कुल 42 लाख रूपये अमन, नयन और शशिकांत को दिये गये थे।

दिलीप व्दारा उक्त पैसा देने के लिये मृतक अरविन्द से कालोनी की पार्टनरशीप कर उक्त राशि प्राप्त की गई थी। इसी बात को लेकर अमन ,नयन और शशिकांत के द्वारा मृतक अरविंद से रंजिश रखी थी कि अगर मृतक अरविंद परमार दिलीप चौधरी को पार्टनर बनाकर उक्त राशि नही देता तो उसकी चार बीघा जमीन यह लोग हडप लेते ।

घटना को अंजाम देने के लिये दिनांक 14 अक्टूबर 19 को अमन (जो पूर्व मे भी थाना हातोद के अपराध 99/13 धारा 307 भादवि का आरोपी है), उसका सेन्ट्रल जेल मे साथ रहने वाला साथी अर्जुन पिता भागीरथ निवासी बागणगंगा, नयन और शशिकांत के द्वारा शंकर के खेत पालिया मे पार्टी की गई थी और वहां पर ही इन लोगो व्दारा अरविन्द परमार की हत्या करने का षडयंत्र रचा था और तभी अरविन्द परमार की हत्या करने के लिये अमन,नयन और शशिकांत ने अपने साथी अर्जुन को 20 लाख रुपये सुपारी देने का बोला था। इन सभी का उद्देश्य था की अरविन्द की हत्याकर दिलीप चौधरी की चार बीघा जमीन को हडप लेंगे और आपस मे बटबारा कर लेंगे।

घटना को अंजाम देने के लिये योजनानुसार दिनांक 15 अक्टूबर 19 की रात्रि मे अमन व्दारा जानबुझकर ग्राम पालिया मे विक्रम मंडलोई पर गोली चलाई गई जिससे थाना हातोद पर अपराध क्रमांक 175/19 धारा 307.294 भादवि का पंजीबध्द किया गया था और आरोपी अमन को दिनांक 16 अक्टूबर 19 को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।

घटना दिनांक 21 अक्टूबर 19 को अमन का साथी अर्जुन पिता भागीरथ निवासी बाणगंगा और उसका एक साथी सोनु उर्फ सिगरेट निवासी बांणगंगा ने योजनानुसार मोटर सायकल से 5.30 बजे करीबन हातोद आये और हातोद मे नयन और शशिकांत से अमन के खलिफा ढाबा मे मिले।

उसी समय शशिकांत ने मोबाईल से शुभम पिता माणिक निवासी पालिया को फोन कर मृतक अरविन्द का लोकेशन पुछा तो शुभम ने अरविन्द का उसके आफिस मे होना बताया। उसके बाद अर्जुन और उसका साथी सोनु उर्फ सिगरेट मोटर सायकल से ग्राम पालिया मृतक अरविन्द परमार के आफिस पहुचें।

वहां घुसकर अरविन्द का नाम पूछा। मृतक अरविन्द व्दारा बताने परअर्जुन ने जान से मारने की नियत से कट्टे से फायर किया और अरविन्द पर गोली चलाई व उसका साथी सोनु ने पिस्टल से मृतक अरविन्द का कोलोनाईजर पार्टनर मनोज पटेल को जान से मारने की नियत से फायर किया जिसमे मनोज पटेल को दाहिने हाथ मे गोली लगी और मनोज अपनी जान बचाने बाहर की ओर भागा ।

तब अर्जुन व सोनु दोनो ने मिलकर मृतक अरविन्द को चाकू से लगातार कई बार किये और अरविन्द परमार कि हत्या कर अर्जुन और सोनु दोनो मोटर सायकल से भाग गये।

पुलिस व्दारा नयन, शशीकांत एवं शुभम को गिरफ्तार कर पूछताछ कर दबिश देकर एक शुटर सोनू उर्फ सिगरेट को गिरफ्तार कर लिया। सोनु कि निशादेही पर घटना मे प्रयुक्त हथियार और सुपारी के 5000/रुपये जप्त किये। पुलिस अधीक्षक पश्चिम श्री अवधेश कुमार गोस्वामी के व्दारा फरार आरोपी अर्जुन पिता भागीरथ पंवार निवासी बांणगंगा के फरार होने से आरोपी अर्जुन कि गिरफ्तारी हेतु दस हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया।

उक्त हत्याकांड खुलासा करने वाली टीम को एडीजी कपूर द्वारा 20 हजार रूपये के ईनाम से पुरूस्कृत करने की घोषणा की गई है।

सेन समाज इंदौर के अध्यक्ष अशोक सेन आदरणीय, जगदीश चन्द्र सेन, सुभाष वर्मा, सुभाष परमार प्रॉपर्टी, सतीश सेन, नन्दकिशोर वर्मा, सरोज तंवर, जुगल वर्मा, जगदीश परमार, नीलेश सेन शैलू, जनक सेन, एमएल वर्मा, संजय सेन आदि ने इंदौर पुलिस द्वारा इस हत्याकांड का पर्दाफाश करने पर आभार व्यक्त किया है।

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