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राजकीय पशु चिकित्सालय परतावल के कार्यालय में घुसा करीब दो फीट पानी पशुपालकों को हो रही है परेशानी

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महराजगज जनपद के अंतर्गत परतावल ब्लॉक के परिसर में बना राजकीय पशु चिकित्सालय एवं कृत्रिम गर्भाधान केंद्र भीषण बारिश के चलते राजकीय पशु चिकित्सालय के अंदर लगभग दो फ़ीट बारिश का पानी घुसा हुआ है बताते चलें कि पशु चिकित्सालय के नाम पर जिले में लगभग करोड़ो रुपए पूरे जिले में खारिज होते हैं लेकिन आजादी से आज तक परतावल पशु चिकित्सालय पर दुर व्यवस्था को देखकर यह प्रतीत होता है कि यहां पर सरकार के किसी भी योजना तथा सरकार के दिए हुए धन का उपयोग नहीं किया जा रहा|

यह भवन अपने आप में ये दर्शाता है कि मूलभूत सुविधाओं से वंचित है वहां के कर्मचारियों के द्वारा बताया गया कि इस भवन में गर्मियों के समय में 1 पंखे तक की व्यवस्था नहीं है और ना ही बिजली की व्यवस्था है हाथी के दांत की तरह बना यह भवन सिर्फ दिखावा ही रहता है बरसात के समय में इस भवन के अंदर पानी घुस जाता है|

जो भी इस अस्पताल पर कर्मचारी या अधिकारी अपनी ड्यूटी को निभाते हैं वह स्वयं अपनी सहायता एवं निजी संसाधनों से परतावल क्षेत्र के पशुपालकों की दवा तथा इलाज करते हैं यहां पर रहने वाले कर्मचारियों को किसी भी प्रकार की सुख सुविधा नहीं मिलती है जब गर्मियों के समय में इन्हें एक पंखे की सुविधा तक नहीं मिलती है तो सोचने वाली बात है बरसात के समय में इनकी कौन सुध लेगा।

आसपास के लोगों में तथा चौराहे के लोगों में इस बात की चर्चा है कि आखिर क्यों इस राजकीय पशु चिकित्सालय का जीर्णोद्धार नहीं होता किंतु परंतु परिस्थितियों के बावजूद भी राजकीय पशु चिकित्सालय परतावल अपनी व्यवस्था पर ही रो रहा है यहां पर मौजूद रवि प्रताप यादव ने बताया कि करीब 4 दिनों से 2 फीट पानी लगा हुआ है हम किसी तरीके से अपनी इंस्ट्रूमेंट के माध्यम से अपने पशुपालकों को सहायता कर रहे हैं

जबकि पानी निकासी की कोई भी व्यवस्था नहीं है। जिले के आला अधिकारी बजट खारिज करने में लगे रहते हैं छोटे कर्मचारियों की कोई सुध लेने वाला नहीं है प्रत्यक्ष उदाहरण के तौर पर आज जब ibn के ब्यूरो अरविंद यादव ने एक सर्च ऑपरेशन के माध्यम से बताया कि 2 फीट पानी लगे होने से राजकीय पशु चिकित्सालय पूर्ण रूप से अपनी सेवा नही दे पा रहा है जबकि बरसात के समय में पशुपालकों के पशुओं को भयंकर बीमारी होने की संभावना बनी रहती है ऐसी स्थिति में जब पशुपालक का कार्यालय तथा डॉक्टर ही सुरक्षित नहीं तो कैसे पशु सुरक्षित रहेंगे देखना यह है कि जिले के अधिकारी इस राजकीय पशु चिकित्सालय के सम्बन्ध में कुछ अच्छा करते हैं या नहीं।

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