झांसी: पृथक बुंदेलखंड राज्य बनाये जाने की मांग को लेकर बुन्देल खण्ड क्रान्ति दल ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौपा

पृथक बुंदेलखंड राज्य बनाये जाने की मांग को लेकर बुन्देल खण्ड क्रान्ति दल ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौपा
झाँसी 16 जुलाई- पृथक बुन्देल खण्ड राज्य बनाये जाते की मांग को लेकर बुन्देल खण्ड क्रान्ति दल के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को अध्यक्ष सत्येन्द्र पाल सिंह के नेतृत्व में जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में बताया गया कि वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान चुनावी क्षेत्र झांसी की चुनावी रैली में क्षेत्रीय सांसद उमा भारती ने अपने भाषण के द्वारा बुंदेलखंड की जनता से वादा किया था कि अगर केन्द्र में भाजापा की सरकार आई तो 2 वर्ष के भीतर प्रथक बुंदेलखंड राज्य बना दिया जाएगा। लेकिन इस संबंध अब तक कोई अपेक्षित कार्यवाही नहीं की गई है। बताया गया कि वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार पूरे बुंदेलखंड की जनसंख्या 18334753 है। बुंदेलखंड के पास 705 92 वर्ग किलो मीटर भूमि है।
यदि उत्तर प्रदेश मध्य प्रदेश के 13 जिलों को मिलाकर बुंदेलखंड राज्य बना। तो अपनी जनसंख्या के अनुसार 19 वां और क्षेत्रफल के अनुसार बुंदेलखंड देश का 18 वां नंबर का राज्य होगा। लेकिन यदि केवल उत्तर प्रदेश के 07 जिलों को मिलाकर बुंदेलखंड राज्य बनाया गया। तो जनसंख्या के अनुसार 21 वां और क्षेत्रफल के अनुसार बुंदेलखंड देश का 23 वां नंबर का राज्य होगा। जैसा कि आप भी जानते हैं कि बुंदेलखंड राज्य निर्माण की लड़ाई बहुत समय से लड़ी जा रही है। आजादी के बाद 12 मार्च 1948 को विन्ध्य प्रदेश के अंतर्गत बुंदेलखंड राज्य बनाया गया। और पहले मुख्यमंत्री श्री कामता प्रसाद सक्सेना बने। एक नवंबर 1956 को मध्य प्र देश का निर्माण किया गया। तथा बुंदेलखंड राज्य को समाप्त कर बुंदेलखंड क्षेत्र को दो भागों में विभाजित कर उत्तर प्रदेश व मध्य प्रदेश में बाँट दिया गया। उत्तर प्रदेश सरकार 07 जिलों झांसी, जालौन, ललितपुर, बांदा, कर्वी, हमीरपुर, व महोबा को बुंदेलखंड क्षेत्र मानती है। मध्य प्रदेश सरकार 6 जिलों सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ व दतिया को बुन्देल्खन्ड क्षेत्र मानती है। केंद्र सरकार इन तेरह जिलो को बुंदेलखंड क्षेत्र मानकर बुंदेलखंड पैकेज देती है। इस प्रकार बुंदेलखंड के क्षेत्र को लेकर कोई विवाद नहीं है।
पूरे देश में उत्तर प्रदेश व मध्य प्रदेश में बुंदेलखंड क्षेत्र सर्वाधिक पिछड़ा हुआ क्षेत्र है। बुंदेलखंड के किसान, मजदूर, व्यापारी, नौजवान व छात्र परेशान है। बुंदेलखंड क्षेत्र का विकास केवल पृथक बुंदेलखंड राज्य निर्माण से ही है संभव है। बताया गया कि यदि सरकार द्वारा बुन्देल खण्ड राज्य निर्माण को लेकर कोई कार्यवाही नहीं की गई। तो बुंदेलखंड क्रांति दल व्यापक जनआंदोलन चलाने के लिए बाध्य होगा। जिसकी पूरी जिम्मेदारी केन्द्र सरकार की होगी। इस मौके पर प्रताप कुशवाहा, छोटू, राजकुमार, दुर्गा प्रसाद, पवन कुमार, दीनदयाल, सनी यादव, जगदीश चन्द्र, पप्पू, मनोज यादव, असरफ खान, राज सिंह शेखावत, मोहम्मद रेहान, सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।
 
रिपोर्ट महेंद्र सिंह सोलंकी ibn24x7news झाँसी

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