पश्चिमी चम्पारण – बिहार सरकार के पंचायती राज विभाग के निदेशालय के प्रधान सचिव , अमृत लाल मीणा के आदेश

Ibn24x7news विजय कुमार शर्मा प,च,बिहार
संख्या 4042 दिनांक 25 साथ 2018 के आदेश के आलोक में पंचायती राज संस्थानों एवं ग्राम कचहरी के मनोनीत महिला सदस्यों को उनके स्थान पर उनके संबंधियों के द्वारा बैठकों में एवं आमसभा में भाग लेने पर पाबंदी लगा दी गई है। सरकार को इस संबंध में कई शिकायतें प्राप्त हुई थी के पंचायती राज संस्थानों के निर्वाचित महिला सदस्यों के स्थान पर उनके परिवार के संबंधियों के द्वारा, पति पिता भाई अन्य संबंधी सरकारी बैठकों, आमसभा मे भाग लेते हैं जिसके कारण बैठक एवं आमसभा में कई प्रकार की दुश्वारियां एवं शोर-शराबा मारपीट गाली गलौज एवं कटुता का रास्ता निकल जाता है, महिला प्रतिनिधियों को बैठक एवं आमसभा में किन बिंदुओं पर चर्चा हुई कौन सी परियोजनाओं प्रोजेक्टों पर आम सभा में लाकर इस पर कार्यवाही करनी है तथा किन किन सड़कों का निर्माण नल जल व्यवस्था विद्युत आपूर्ति, राशन कि राशन वितरण की व्यवस्था करना जैसे मूलभूत सुविधाओं का लागू करना से संबंधित जानकारी नहीं हो पाती है जिसे वह वार्ड के लोगों या पंचायत के लोगों को सही जानकारी नहीं मिल पाती है जिसके कारण विकास का काम ठप पड़ जाता है।
पंचायती राज संस्थानों के महिला जनप्रतिनिधियों जो जनता के द्वारा चुनकर आती हैं उन्हें ग्राम पंचायत पंचायत समिति सदस्य ग्राम कचहरी सदस्य जिला परिषद सदस्य के रूप में मनोनीत होती है इन सब बैठकों में स्वयं उपस्थित नहीं होकर अपने प्रतिनिधि के रूप में अपने संबंधियों को बैठकों में भेजकर खानापूर्ति करती हैं जिससे विकास अवरुद्ध होता है।
इन्हीं सब परिस्थितियों को देखते हुए और सरकार के पास शिकायतें प्राप्त होने के बाद यह निर्णय लिया गया है कि पंचायती राज संस्थानों में निर्वाचित महिला जनप्रतिनिधियों को ही बैठकों में जाना होगा इनके द्वारा मनोनीत व उनके संबंधियों को बैठकों में जाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है, इस आदेश के तहत महिला जनप्रतिनिधियों पर आफत आ गई है यही कारण है कि इन महिला जनप्रतिनिधियों को किसी कानून की जानकारी नहीं हो पाती है जिससे वह काम कराने में सक्षम नहीं हो पाती हैं इसी को देखते हुए सरकार ने निर्णय लिया है कि सभी बैठकों में निर्वाचित महिला जनप्रतिनिधियों को ही बैठकों एवं आम सभा में भाग लेना होगा, अन्यथा अपनी निर्वाचित सीट को गवाना पड़ेगा। बिहार सरकार के पंचायती राज विभाग के प्रधान सचिव अमृत लाल मीणा के आदेश के आलोक में जिला पदाधिकारी ने पंचायती राज संस्थानों के निदेशक को आदेश की जानकारी दे दी है ताकि वह अपने स्तर से पंचायती राज संस्थानों के निर्वाचित महिला जनप्रतिनिधियों को इसकी सूचना मिल सके ताकि आने वाले बैठकों में वे खुद उपस्थित होकर विकास से संबंधित मुद्दों को जानकारी प्राप्त कर सकें।

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