बिहार: पच्चीस गाँवों को जोड़ने वाला प्राथमिक उप स्वास्थ्य केंद्र आठ सालों से बंद

पच्चीस गाँवों को जोड़ने वाला प्राथमिक उप स्वास्थ्य केंद्र आठ सालों से बंद
👉मजबूरन झोला छाप डॉक्टरों से कराना पड़ रहा इलाज
👉पाँच पंचायत के बीच एक यही है अस्पताल
👉खण्डहर में तब्दील हो गया है यह अस्पताल
👉दो एन एम की हुई थी नियुक्ति लेकिन बिना सूचना के हैं गायब
रामगढ़वा।प्रखण्ड के पखनहिया उप स्वास्थ्य केंद्र विगत आठ सालों से बंद है। जिसके चलते लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।स्थानिय लोगों को मजबूरन झोला छाप डॉक्टरों से इलाज कराना पड़ रहा है। यहाँ यह भी बता दें कि यह अस्पताल बन्द रहने के कारण इसके खिड़की सभी शीशे को टूट गए हैं यह अस्पताल खण्डहर में तब्दील हो गया।ऐसा प्रतित होता है की यह भूत का डेरा है। स्थानिय लोगों ने बताया कि यह अस्पताल पाँच पंचायतों के बीच है, और इस अस्पताल के बन्द रहने से हमलोगों को इलाज कराने के लिए या तो झोला छाप डॉक्टरों से इलाज कराना पड़ता है या रामगढ़वा जाना पड़ता है और यहाँ से रामगढ़वा की दूरी दस किलोमीटर है। ऐसे में इमरजेंसी मरीज को कहाँ इलाज कराया जाए ? अगर यह चालू हो जाए तो हजारों लोगों को इलाज के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा ।
क्या कहते हैं चिकित्सा प्रभारी- रामगढ़वा पी एच सी प्रभारी डॉ टी एच पासा ने बताया कि पखनहिया उप स्वास्थ्य केंद्र पर दो एन एम को नियुक्त किये थे लेकिन वे दोनों यहाँ रहने से इनकार कर गईं। और कुछ दिन की छूटी ली थीं और छुट्टी का भी समय बीत गया लेकिन अभी तक वेलोग बिना सूचना के गायब हैं।जिसकी सूचना मैं जिला को दे चुका हूँ।
क्या कहते हैं लोग- राजद के प्रखण्ड अध्यक्ष मुकेश कुमार यादव ने कहा कि इस अस्पताल को फिर से शुरू कराने के लिए मैं बहुत कोशिश कर चुका और अगर फिर भी चालू नही हुआ तो हम रामगढ़वा पी एच सी पर धरना पर बैठेंगे जब तक शुरू न हो जाए।
मौके पर नीरज ओझा, सोनू श्रीवास्तव, प्रमोद साह, रामानन्द राय,राशि यादव,नट मियाँ सहित अन्य लोग मौजूद थे।

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