दिव्यांग शादी विवाह प्रोत्साहन पुरस्कार योजना के लिए करें, ऑनलाइन

युवक-युवती दोनों के दिव्यांग होने की दशा में मिलेगा 35 हजार की धनराशि

बलिया। जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी ने बताया कि विभाग द्वारा संचालित दिव्यांगजन शादी विवाह प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत दंपति ने युवक के दिव्यांग होने की दशा में रुपये 15 हजार व युवती के दिव्यांग होने की दशा में रुपये 20 हजार तथा युवक-युवती दोनों के दिव्यांग होने की दशा में रुपये 35 हजार की धनराशि निर्धारित की गयी है।

उन्होंने बताया कि शादी के समय युवक की आयु 21 वर्ष से कम तथा 45 वर्ष से अधिक न हो, युवती की उम्र 18 वर्ष से कम एवं 45 वर्ष से अधिक न हो, दंपति में कोई आयकर दाता न हो, मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा प्रदत प्रमाण पत्र के अनुसार दिव्यांगता 40 प्रतिशत या उससे अधिक होनी चाहिए। ऐसे दिव्यांग दंपति पात्र होंगे जिनका विवाह गत वित्तीय वर्ष एवं वर्तमान वित्तीय वर्ष में हुआ हो, दिव्यांग शादी विवाह प्रोत्साहन पुरस्कार योजना के अंतर्गत इच्छुक दिव्यांग दंपति वर्तमान वर्ष एवं गत वित्तीय वर्ष में संपन्न शादी विवाह प्रोत्साहन पुरस्कार हेतु ऑनलाइन- http//divyangjan.upsdc.gov.in पर आवेदन कर सकते हैं। ऑनलाइन फॉर्म भरते समय दिव्यांगता प्रदर्शित करने वाला नवीनतम फोटो, विवाह पंजीकरण प्रमाण पत्र, जाति व आय प्रमाण पत्र (जिसमें जन्मतिथि का अंकन हो), सक्षम अधिकारी से निर्गत दिव्यांगता प्रमाण पत्र, राष्ट्रीयकृत बैंक में संचालित संयुक्त खाता, अधिवास का प्रमाण पत्र एवं आधार कार्ड की छायाप्रति आदि अभिलेखों के साथ आवेदन पत्र वेबसाइट पर ऑनलाइन करना अनिवार्य है। साथ ही ऑनलाइन सबमिट आवेदन पत्र की प्रिंट व पत्रों की हार्ड कॉपी कार्यालय जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग विकास भवन के कक्ष संख्या-07 में प्राप्त कराएं।
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चार मॉड्यूल में आयोजित होगा “द मिलियन फार्मर्स स्कूल” (किसान पाठशाला)

बलिया। जनपद में “द मिलियन फार्मर्स स्कूल” (किसान पाठशाला) का आयोजन 20 से 01 सितंबर तक चार मॉड्यूल में आयोजित किया जाएगा। किसान पाठशाला का प्रथम मॉड्यूल 20 से 25 अगस्त तक, द्वितीय माड्यूल 24 से 25 अगस्त तक, तृतीय माड्यूल 27 से 28 अगस्त तक एवं चतुर्थ माड्यूल 31 से 01 सितंबर तक अपरान्ह 02:30 बजे से 05:30 बजे तक आयोजित कराया जाना है।

उप कृषि निदेशक इन्द्राज ने बताया है कि कृषकों को कोरोना काल में कृषि कार्य को करते समय अपनाने वाली सावधानियां मृदा स्वास्थ्य कार्ड, खरीफ फसल प्रबंधन, कीट रोग प्रबंधन, विभिन्न योजनातर्गत कृषको को देय सुविधाएं कृषक उत्पादक संगठन, जैविक खेती, प्राकृतिक खेती, जीरो बजट खेती, स्वतः जैविक खेती, सिद्धान्त जैविक/प्राकृतिक उत्पादन हेतु आवश्यक फॉर्मूलेशन्स तैयार करना, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन भूमि एवं जल संरक्षण एवं संबंधित, भूमि एवं जल संरक्षण एवं सम्बन्धित विभागों के द्वारा जनपद में कृषकों को देय/सुविधा अनुदान आदि की जानकारी प्रदान की जाएगी।
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उर्वरक की कमी नहीं किसानों को जल्द मिलेगा उर्वरक

बलिया। सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता अधिकारी बाबूराम तिवारी ने बताया है कि किसानों को उर्वरक वितरण करने हेतु शासन द्वारा 9070.000 मैट्रिक टन यूरिया व 1985.000 मैट्रिक टन फास्फेटिक उर्वरक का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जो 01 अप्रैल से 30 सितंबर तक वितरित किया जाना है। जिसके सापेक्ष अब तक सहकारिता विभाग में जनपद को कुल-12359.095 मैट्रिक टन यूरिया तथा 9236.600 मैट्रिक टन डीएपी (फास्फेटिक उर्वरक) पीसीएफ के बफर एवं समितियों पर प्राप्त उपलब्ध रहा। जिसके सापेक्ष जनपद में सहकारिता विभाग के उर्वरक बिक्री केंद्रों पर अब तक 10221.000 मैट्रिक टन यूरिया तथा 1376.000 मैट्रिक टन फास्फेटिक उर्वरक उपलब्ध है, जिसमें से 175 सहकारी समितियों/उर्वरक बिक्री केंद्रों के माध्यम से कृषकों में 8397.000 मैट्रिक टन यूरिया एवं 980.000 मैट्रिक टन फास्फेटिक उर्वरक वितरण कराया जा चुका है। शेष उर्वरक का भी वितरण किसानों की मांग के अनुसार हो रहा है। जनपद में दो फुल रैक इफको यूरिया की मांग शासन स्तर से की गयी है जिसके जल्द ही जनपद को मिलने की संभावना है।

रिपोर्ट वरुण चौबे IBN News ब्यूरो बलिया

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