निष्पक्ष पत्रकारिता ही पत्रकारों का राष्ट्रवाद है

फतेहगंज पश्चिमी। आधुनिक समय में पत्रकारिता का क्षेत्र व्यापक अवश्य हो गया है किंतु निष्पक्षता की कमी खलती है। आजकल के पत्रकारों में आमजन से जुड़ाव, सहानुभूति व करुणा के भाव समाप्त हो चुके हैं उन्हें केवल पैसे की पड़ी है। हालांकि सही मायने में देखें तो पत्रकारिता के क्षेत्र में संभावनाएं अधिक है अच्छे काम करने वाले बहुत कम लोग है लेकिन आजकल के युवा पीढ़ी भी निष्पक्ष पत्रकारिता करने के बजाय चाटूकारिता में विश्वास करने लगे हैं। यदि ऐसा न करते हुए काम के प्रति पूरी ईमानदारी व निष्पक्ष भाव से पत्रकारिता की जाए तो वह दिन दूर नहीं जब सफलता कदम आपके चूमें।

आज के दौर में पत्रकारिता छवि का पेशा है इसलिए संवेदनशील पत्रकारिता के लिए संयम धारण करने के साथ सवाल करें व सब्र धारण करें। किसी भी खबर में दोनों पक्ष की बातों को रखने का प्रयास करें। आजकल के पाठक बेवकूफ नहीं है आपके बेईमानी को बखूबी सूंघ लेते हैं व चंद पैसे के खातिर खबर प्रकाशित करने के नाम पर जो पैसे किसी पीड़ित से वसूलते है वो भी उनकी पत्रकारिता पर धब्बा जैसा ही दिखता है।

आजकल के पत्रकार रिपोर्ट में भी विचार व्यक्त कर देते हैं ऐसा कतई न करें पूर्वग्रह से ग्रसित हुए बगैर ऐसी खबर का संकलन करें की अपनी निष्पक्षता पर खुद गर्व कर पाएं। चंद पैसों की खातिर खबर संकलन के दौरान अपना ईमान कतई न बेचें।

आजकल अनेक लेख व कहानी ऑनलाइन माध्यम से भी उपलब्ध हैं उनमें से अच्छे लेख का चयन कर उन्हें पढ़े। हमेशा नए मुद्दे चुनें और उन पर फेलोशिप प्राप्त करने का भी प्रयास करें। निष्पक्ष पत्रकारिता करने के बाद आपके क्षेत्र की सीमा असीमित हो जाएगी । अपने ज्ञान को ही अपनी ढ़ाल बनाएं। छोटे काम कर ही बड़े काम की सीढ़ी को तय करती है यह बात कतई न भूले कि छत पर चढ़ने के लिए पहली सीढ़ी से ही चढ़ना पड़ता है।
पत्रकारिता करने के लिए यदि आप आएं हैं तो गरीबी में जी लीजिए मगर ‘चिन्दी चोरी’ मत कीजिए। पत्रकारिता धन कमाने वाला पेशा नहीं है

यदि इसलिए ही यह कर रहे हैं तो आज से ही छोड़ दीजिए। लेकिन हां अगर ईमानदारी पूर्वक अच्छा काम करेंगें तो आपकी तनख्वाह जरूर सम्मानजनक हो जाएगी। आपकी खबर सच्ची होनी चाहिए वह भाषा की गुलाम नहीं है। निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए विनम्र और दृढ़ बनें।

आपकी आवाज जनता की आवाज होनी चाहिए यह ही आपका राष्ट्रवाद है। आपका इस देश के नागरिक से दूरी नहीं हो आपके व्यवहार में समानता व सौम्यता होनी चाहिए। सबकी गरिमा का सम्मान करें यदि कोई आपको पत्रकार मानकर अपना दुःख दर्द आपके साथ साझा करता है तो वह उनकी कृतज्ञता है उनका सम्मान करें उसमें अपना अकड़ न समझें।

 

रिपोर्ट कपिल यादव ibn24x7news बरेली

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