एसपी के खिलाफ कोर्ट में इस्तगासा पेश करने वाले आरटीआई कार्यकर्ता के खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज

 

बाड़मेर : बाड़मेर जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज बुलंद कर हमेशा चर्चा में रहने वाले आरटीआई कार्यकर्ता भगवान सिंह लाबराऊ ने संज्ञेय अपराध की एफ़आईआर दर्ज नहीं करने व पुलिस थाना रामसर में पुलिस सिपाही बाबूलाल व पुलिस थानाधिकारी हुकमाराम ने रंजिश के तहत झूठी एफ़आईआर दर्ज करने के कारण पुलिस अधीक्षक बाड़मेर, पुलिस उप अधीक्षक चौहटन पुलिस थानाधिकारी रामसर तहसीलदार रामसर व चिकित्सक रामसर सहित नौ लोगो के खिलाफ अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष 29 जुलाई 2020 को इस्तगासा पेश किया था जिससे नाराज होकर श्रीमान आनंद शर्मा पुलिस अधीक्षक बाड़मेर ने 31 जुलाई 2020 को एससी/एसटी व मारपीट की धाराओं में पुलिस थानाधिकारी रामसर को झूठा मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया । मामले की जांच पुष्पेंद्र आङा पुलिस उप अधीक्षक एससी/एसटी सेल अधिकारी कर रहे है

परिवादी का आरोप

एफ़आईआर दर्ज करवाने वाले परिवादी ने आरोप लगाया है कि मेरा खेत लाबराऊ (सियाणी) में आया हुआ है मेरे खेत में कदीमी से गोवा आया हुआ है भगवान सिंह मेरे खेत में जबरदस्ती सड़क बना रहा था मेरे को पता चला तो मैं मेरे खेत पर गया तब भगवान सिंह जेसीबी से सड़क बना रहा था मैंने रोका तो जातिसूचक शब्दो से अपमानित किया व मारपीट की तब पास में एवड़ चरा रहे गजे सिंह ने मुझे छुड़ाया इसलिए मुकदमा दर्ज करवाया ।

इनका कहना हैं

आरटीआई कार्यकर्ता भगवान सिंह लाबराऊ का कहना है कि परिवादी ने घटना 27 मई 2020 की बता रहा है पुलिस थाना रामसर में एफ़आईआर दर्ज करवाने के लिए 15 जून 2020 को जाता है 18 दिन बाद एफ़आईआर दर्ज करवाने देरी से जाता है उसका कोई उल्लेख नहीं उसके बाद 24 जून 2020 व 17 जुलाई 2020 को श्रीमान पुलिस अधीक्षक बाड़मेर को एफ़आईआर दर्ज करने हेतू प्रार्थना पत्र दिया लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई जैसे ही मैंने श्रीमान पुलिस अधीक्षक बाड़मेर के खिलाफ कोर्ट में इस्तगासा पेश किया दूसरे दिन झूठी एफ़आईआर दर्ज हो गई

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