गाजीपुर: विकास पुरूष के जिले में सुविधायें ही नही व्यवस्थाओं की अनदेखी से यात्रियों का हाल बेहाल

गाजीपुर: विकास पुरूष के जिले में रेल यात्रियों की मलालत शुरू हो गयी है। कहीं कूड़े का अम्बार है तो कहीं मुख्य रास्ता ही बन्द हो गया। टेªनों की बढ़ायी गयी संख्या और यात्रियों में हुई बेतहाशा वृद्धि के बाद रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की दुश्वारियाॅ व अतिक्रमण के भी मामले बढ़ गये है। यहॅंा तक कि साफ सफाई की हालत भी इतनी बदतर है कि स्टेशन के सामने बने मंदिर में भी झाड़ू लगाने के लिये विभाग के पास माकूल इंतजाम नही है।जिससे लोगों का मनोबल टूट रहा है जबकि मामले के जिम्मेदार सारी बातों को जानने के बाद भी आॅख मूंदे पड़े हुए है।

एक महीने से बन्द है यात्रियों का फुट वेयर ओवर ब्रिज मार्ग
जानकारी के अनुसार देश में भाजपा की सरकार बनने के बाद नरेन्द्र मोदी जी ने जनपद निवासी मनोज सिन्हा को रेल राज्यमंत्री बनाया था। रेलवे स्टेशन के विकास में कई बेहतर कार्य कराये गये यंहा तक कि रेलवे स्टेशन से सटी कालोनी को मुख्य शहर से जोड़ने के लिए करोड़ो की लागत से ओवर ब्रिज भी बनाया गया। लेकिन स्टेशन पर पचास साल पूर्व बने यात्री ओवर ब्रिज की अनदेखी हो गयी जिसके चलते वह जर्जर होकर आज कल एक महीने से आवागमन के लिये बन्द कर दिया गया है जिसके चलते गाड़ियो के आने के बाद यात्रियों की भीड़ एक से दूसरे प्लेटफार्म पर पहुचाने के लिये जान पर खेल जाती है। जिले के कई रेलवे स्टेशनों पर आये दिन ओवरब्रिज का प्रयोग करने के बजाय जल्दी के चक्कर में कई यात्रियों की जान जा चुकी है। एक सप्ताह पूर्व ही भदौरा रेलवे स्टेशन पर माॅ बेटी व पुत्र की सम्पर्क क्रान्ति एक्सप्रेस की चपेट में आकर जान चली गयी। बावजूद इसके रेलवे स्टेशन पर बन्द पड़े यात्री फुट ओवर ब्रिज को ठीक कराने की जहमत कोई उठाना नही चाहता।

गन्दगी व संड़ाध से बदबू देते है यहंा के मंदिर सफाई प्रभारी महिला का आफिस भी बेजार
दूसरी तरफ सिटी रेलवे स्टेशन के मुख्य प्लेटफार्म को छोड़कर किसी इलाके में रूटिन के तहत झाड़ू भी नही लगता। स्टेशन के मुख्य गेट पर स्थित धार्मिक स्थान के अन्दर पशुओं की भीड़ व गन्दगी से आने जाने वाले यात्री व पूजा करने वाले श्रद्धालु मुंह बनाकर वापस लौट जाते हैं। इसी मंदिर के ठीक बगल में स्थित शिव मंदिर के आस पास भी विकास पुरूष के जिले में रेलवे स्टेशन इलाके को साफ करने का जिम्मा लेने वाले ठेकेदार की नजर कभी नही जाती। दोनो मंदिरो के बीच में ही विभाग के स्वास्थ्य निरीक्षिका (सफाई प्रभारी) महिला अफसर का कार्यालय भी है। सफाई कर्मी इतने बेपरवाह है कि मैडम के कार्यालय के सामने और अगल बगल भी झाड़ू नही लगाते। सफाई कर्मियों का काम देखने वाले ठेकेदार के कारखास का कहना है कि जितना निर्देश है उतना ही काम होगा। बाकी बाते ठेकेदार से करिये। हमारा कोई लेना देना नही है।

रेल व स्थानीय पुलिस सीमा विवाद के चलते एक दूसरे पर फोड़ती है ठीकरा
दूसरी तरफ पिछले चार महीने से सिटी रेलवे स्टेशन परिसर में जो इलाका कोतवाली थाना क्षेत्र में आता है अवैध वेण्डरों, ठेला खोमचा वालो के साथ-साथ पानी पुरी व नाश्ते की दुकाने तेजी से पाव पसार रही है। इसके साथ साथ सब्जी विके्रताओं की भी टीम मुख्य गेट पर रेल विभाग को चुनौती देती है। इस अतिक्रमण के लिये जिम्मेदार रेलवे के जी0आर0पी0 व आर0पी0एफ की ओर से कार्यवाही नही होती जबकि पूछने पर यह बता दिया जाता है कि इलाका कोतवाली क्षेत्र का हैं। लेकिन चर्चा है कि आर0पी0एफ0 के कुछ सिपाही इन वेण्डरों व दुकानदारो से हजारो रूपये माहवारी वसूलते है। जब कोतवाली की ओर से दबाव बढ़ता है तो कुछ दिन के लिये दुकाने हट जाती है। इसी तरह रेलवे स्टेशन परिसर में अवैध रूप से विक्रम व बैटरी चलित आटो रिक्शाओं का स्टैण्ड बन गया है जहंा मौजूद कथित दलाल इन वाहनों से पैसा लेकर उनको यहॅा से संचालन करने की छूट देता है।

मजनुओं व संदिग्ध युवतियों की तलाशी का भी काम अधर में
स्टेशन इलाके में सुबह 7 बजे से लेकर रात के 10 बजे तक मुहॅ बांधे घूमने वाले मजनुओं की फौज ही व्यवस्था को चुनौती दे रही है। इनके बारे में किसी को फिक्र नही है कि दो दर्जन युवतियाॅ आखिर पुरे दिन यहॅा चक्रमण क्यों कर रही है। जिम्मेदार लोगों का कहना है कि जी0आर0पी0 या आर0पी0एफ में महिला आरक्षी की तैनाती न होने से युवतियों व महिलाओ की चेंिकग सम्भव नही है। विकास पुरूष के रेलवे स्टेशन पर चल रही मनमानी व लापरवाही के चलते हजारो यात्री रोज परेशान व शर्मसार हो रहे हैं। विभाग की ओर से तैनात स्टेशन अधीक्षक व आर0पी0एफ0 व जी0आर0पी0 के प्रभारी मूकदर्शक बने हुए है।

 

रिपोर्ट राकेश पाण्डेय ibn24x7news ग़ाज़ीपुर

 

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