सरकार की बदलती नीती जहां नौकरी के नाम पर बेरोजगार एक आम आदमी किसी भी व्यक्ति द्वारा ठगी होने को मजबूर

ये मामला है उत्तर प्रदेश के जनपद बहराइच के मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल जहां वार्ड व्याए के रूप में नौकरी दिलाने के नाम पर शहर में ही अपना क्लीनिक चला रहे डॉक्टर के के सिंह द्वारा ठगी किया गया आपको बताते चलें कि शहर बक्शीपुर के निवासी सत्येंद्र कुमार श्रीवास्तव तीन अन्य युवक समेत हेमंत कुमार रघुराज प्रसाद वीरभान सिंह रावत सभी ग्राम व पोस्ट तुलसीपुर थाना क्षेत्र सोनावा जिला श्रावस्ती के बेरोजगार युवकों से डॉक्टर के के सिंह के द्वारा जून 2019 में ढाई ढाई लाख रुपए बहराइच मेडिकल कॉलेज में वार्ड व्यय पद पर नौकरी दिलवाने के नाम पर लिया गया था

लेकिन आज तक ना तो नौकरी मिली और ना ही रुपए ही वापस किए अब यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि वैसे तो ठगी के केस में ज्यादातर गलती ठग के शिकार लोगों की ही रहती है लेकिन इस मामले में नौकरी नीति की पूरी तरह जिम्मेदार है जहां प्रत्येक व्यक्ति द्वारा डॉक्टर के के सिंह को ढाई लाख रुपए दिए जाना रोजगार की मजबूरी थी क्योंकि मेडिकल कॉलेज कहने को सरकारी है लेकिन स्टाफ की भर्ती out sourcers के माध्यम से किया जाता है

बहराइच मेडिकल कॉलेज ना सिर्फ बनकर तैयार हुआ बल्कि स्टाफ की भर्ती भी हो गई है और कामकाज भी शुरू हो चुका है लेकिन यहां का हर स्टाफ इसी तरह पैसे देकर ही नौकरी पाया हुआ है क्योंकि यहां ना तो नौकरी के लिए विज्ञापन निकाला जाता है ना कोई आवेदन पत्र
लिया जाता है ना कोई परीक्षा ली जाती है और ना ही मेरिट बिना किसी चयन प्रक्रिया के केवल रुपए देकर नौकरी ले ली जातीहै

तो बताइए हुआ ना सरकारी महकामों में नौकरी पाने के लिए की बहुत बड़ी कमी

क्यों यहां नौकरी के लिए विज्ञापन नहीं निकाला जाता है क्यों यहां आवेदन नहीं मागे जाते हैं क्यों गोपनीय प्रकार से नौकरी मिल रही है क्यों पारदर्शिता व विश्वसनीयता का अभाव है क्यों सरकार अपनी कमियों को कि सी दूसरे के सर पर डाल कर छुप जाने की फिराक में है पीड़ितों ने पत्र के माध्यम से जिलाधिकारी बहराइच पुलिस अधीक्षक बहराइच आयुक्त देवीपाटन मंडल और मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश शासन सहित राज्यपाल उत्तर प्रदेश शासन तक शिकायत की है और न्याय की गुहार लगाई है अब देखना यह है कि जिला प्रशासन से लेकर न्यायपालिका तक इस प्रकरण को कितनी गंभीरता से लिया जाता है और क्या पीड़ितों की और उनके रुपए की वापसी होती है साथ ही साथ आगामी स्टाफ की बहाली कितने पारदर्शी तरीके से कराए जाते हैं l

 

रिपोर्ट- अखिल मिश्रा IBN NEWS

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