अगर छात्र राष्ट्र के भविष्य उनके भविष्य खिलवाड़ क्यों, ध्यान दे सरकार

तीन-चार वर्षों से छात्र परीक्षाओं के परिणाम और नई नियुक्तियों का कर रहे हैं इंतजार

सरकार और मीडिया का ध्यान सुशांत मर्डर केस और रिया चक्रवर्ती पर, छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ मतलब देश अस्वस्थ

हम छात्र राष्ट्र के भविष्य हैं. क्या सरकार चाहती है छात्रों का भविष्य बिगड़ जाए, छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ क्यों हो रहा है जबकि छात्र ही राष्ट्र के भविष्य के निर्माता होते हैं ,3.5 वर्ष पूर्व सीजीएल 17और18 का परिणाम अपूर्ण और छात्र नियुक्ति पत्र का भी इंतजार कर रहे हैं
आर आर बी, एन टी पी सी ग्रुप डी 1.5 वर्ष से अभी तक परीक्षा तिथि ठीक नहीं हो पाई,
हमारे देश की सरकार हर प्रकार के चुनाव में सक्रिय हो जाती है और उनके प्रणाम तत्काल 1/2 हफ्ते में ना जाते हैंआप सभी जैसा कि आजकल देख रहे हैं कि सुशांत सिंह के मर्डर केस में सरकार और पूरी की पूरी मीडिया पुलिस प्रशासन सभी व्यस्त हैं, सुशांत सिंह की हत्या हुई है या मर्डर, अगर मर्डर हुआ है तो मरे हुए व्यक्ति के साथ इंसाफ होना चाहिए कहीं उसके साथ नाइंसाफी ना हो जाए, पर प्रधानमंत्री से लेकर मुख्यमंत्री तक देश के बड़े-बड़े टी वी चैनल प्रिंट मीडिया, हम सब विद्यार्थी और परीक्षार्थीयो के भविष्य के साथ खिलवाड़ क्यों कर रही है, धारा 370 , 3 तलाक, जी एस टी, नोट बंदी जैसे बड़े-बड़े फैसले सरकार ने लिए हैं
रजनीश सिंह छात्र नेशनल पीजी कॉलेज लखनऊ का कहना है कि हम छात्र पहले भी सरकार के निर्णय के साथ थे हैं और रहेंगे जबकि सरकार ने कहा था कि हर साल दो करोड रोजगार देंगे अब तक 12 करोड लोगों को रोजगार मिल जाना चाहिए था सरकार के वादे के मुताबिक अभी तक किसी छात्र को कोई लाभ नहीं मिल सका है छात्रों को बेरोजगारी की पीड़ा सहन करनी पड रही है जिसे छात्र हीन भावना से ग्रसित हो रहे हैं जरा सोचिए इस कोरोना काल में जो किसान अपने बेटों को घर से दूर पढ़ने को भेजा है, इस कोरोना काल मैं रुम रेंट तक दे पाने में असमर्थ , अब छात्रों के भविष्य पर प्रश्नचिंह सा लगता जा रहा है कि वह करें तो क्या करें किससे कहें और कौन सुनेगा, शासन और प्रशासन से अनुरोध है की देश की धरोहर बच्चों के साथ खिलवाड़ ना करें, आर्थिक तंगी और बेरोजगारी सरकार के उदासीनता आत्मदाह और आत्महत्या को मजबूर करती है जब तक हमें हमारा हम सबका अधिकार नहीं मिलता तब तक हम अपनी आवाज उठाएंगे, सरकार इस विषय पर गंभीरता से सोचें, एक बेरोजगार और पीड़ित छात्र, रजनीश सिंह,

रिपोर्ट वरुण चौबे IBN News ब्यूरो बलिया

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

WhatsApp For any query click here