मिर्जापुर: पुरातत्व विभाग की धरोहर पर दबंग का कब्जा, जिला प्रशासन हुआ मौन

पुरातत्व विभाग की धरोहर पर दबंग का कब्जा, जिला प्रशासन हुआ मौन
मिर्जापुर: प्रधनमंत्री नरेंद्र मोदी के पर्यटन उद्योग को लेकर देखे जा रहे सपनों को पुरातत्व विभाग ठेंगे पर रखकर धरोहरों को दबंगों के हाथों सौपने में लगा है। जिला प्रशासन आलीशान बेजोड़ कलाकृति वाले नगर के पक्का घाट की उपेक्षा और अतिक्रमण की जानकारी मिलने के बाद भी कतिपय कारणों से अनजान बना है । सीढ़ी पर ताला और रास्ते मे दुकाने लगाकर घाट की भव्यता को नष्ट किया जा रहा है इमारत के छत पर जाने वाली सीढ़ी पर दरवाजा लगाने के साथ ही मनबढ़ ने ताला बंद कर दिया है ।
गंगा किनारे बने इस घाट को करीब 200 साल पूर्व नगर सेठ नबालक साव ने बनवाया है । पुरातत्व विभाग में संरक्षित होने के बावजूद पक्काघाट को क्षति पंहुचाने का काम जारी है । घाट के आंगन में स्थित कई मंदिरों को ध्वस्त कर दिया गया है । घाट के टूटते नक्काशी दार जाली और दबंग की अनदेखी चिंतनीय यक्ष प्रश्न बना है ।
पुरातत्व विभाग के धरोहर के रूप में चिन्हित होने के बावजूद बेजोड कलाकृति व पत्थर पर की गयी आकर्षक नक्काशी वाला पक्काघाट अपनी कलाकृति के चलते बेजोड़ है । इसके चलते यह पुरातत्व विभाग की धरोहर के रूप में दर्ज किया गया है ।
वर्षो पूर्व धरोहर का दर्जा पाने वाला पक्काघाट देश मे मोदी तथा प्रदेश में योगी की सरकार होने के बावजूद धरोहर उपेक्षित पड़ा है । टूटी जाली और छत पर रेलिंग लगवाने को कौन कहे दबंग का ताला भी सरकार नही खोलवा पा रही । जिले में धरोहरों की अनदेखी से भू-माफियाओं के मनोबल बढ़ता जा रहा है । यहीं हालात रहा तो सरकार के धरोहर कागजों में सिमट कर नष्ट हो जायेंगे । स्थानीय नागरिकों ने अतिक्रमण हटवाने की मांग की है । कब्जा और उपेक्षा तब है जबकि सांसद, विधायक एवम नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष सभी भाजपा जे जुड़े है ।

रिपोर्ट विकास चन्द्र अग्रहरि ibn24x7news मिर्जापुर

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