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नरकटियागंज : चमकी बुखार पर भाकपा माले ने किया विरोध मार्च व सीएम का पुतला दहन

नरकटियागंज(19/06/2019) : अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् , नरकटियागंज की इकाई के राहुल कुमार , सोसल मीडिया प्रभारी के नेतृत्व में मुजफ्फरपुर के हास्पिटल में एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (AES ) से हो रहे मासूमों बच्चों की मौत को लेकर उस हास्पिटल की लचर व्यवस्था,भारी अनियमिताए के विरूद्ध मे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का पुतला दहन किया और जमकर नारेबाजी के साथ आक्रोश व्याप्त किया गया । राहुल कुमार ने बताया कि एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (AES) के चलते बच्चों की मौत का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है और अबतक इससे 140 बच्चों की मौत हो चुकी है । कितने बच्चे अभी भर्ती है। नगर सह मंत्री अभिनव राज ने आक्रोश व्याप्त करते हुए बताया कि मुजफ्फरपुर के हास्पिटल में दवा की कमी , ड़ाँक्टर की कमी , आईसीयू की कमी , सफाई की कमी , एंबुलेंस की कमी आदि के कारण इतनी मासूमों की जान गई है जिसके जिम्मेदार मुख्यमंत्री है।

शुरू मे भी इस बिमारी को गंभीर से लिया गया होता तो आज कितनी माताओं की कोख नही सुनी होती । बिहार के मुख्यमंत्री दिल्ली में राजनीति में मशगुल थे । झारखंड मे अकेले सरकार बनाने के लिए बैठक कर रहे थे । जिसमे बिहारवासियों मे भारी आक्रोश है। यही कारण है 17 दिन के बाद जब मुख्यमंत्री मुजफ्फरपुर आज तो उनका विरोध करते हुए वापस जाओ और मुर्दाबाद के नारे लगे ।

इस बिमारी का अभी तक पता नही चला । नगर सह मंत्री विवेक कुमार ने बताया कि मुजफ्फरपुर में चमकी बुखार कहे जाने वाले एईएस से लगातार हो रही मौत से व्यवस्था चरमरा गई है। इस वक्त मुजफ्फरपुर के एचकेएमसीएच में इस घातक बीमारी के सबसे ज्यादा मरीज भर्ती हैं। यहां 300 से ज्यादा मरीजों का इलाज चल रहा है। मरीजों की संख्या बढ़ने से अस्पताल में पांव तक रखने की जगह नहीं मिल रही है। इस वक्त अस्पताल में हर जगह अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिलेगा। एक ही बेड पर तीन से चार बच्चों का इलाज चल रहा है। परिजनों के लिए जगह नहीं है तो वे जमीन पर लेटे हुए हैं। माताएं अपनी नन्हीं जान के लिए बिलख रही हैं। जगह-जगह गंदगी और सबसे मुख्य बात , 100 से ज्यादा मरीजों के लिए सिर्फ तीन डॉक्टर उपलब्ध हैं।

गोलू कुमार ने बताया कि अस्पताल में डॉक्टरों की कमी, जरूरी दवाओं की अनुपलब्धता , बेड और नर्सिंग स्टाफ की कमी से हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं। एसकेएमसीएच समेत राज्य सरकार द्वारा संचालित अस्पताल इस दिक्कत से जूझ रहे हैं। सिद्विराज सिंह ने बताया कि एसकेएमसीएच के सुपरिंटेंडेंट डॉ. एसके साही का कहना है कि एईएस के मरीजों के इलाज के लिए विभाग को अब तक कोई अतिरिक्त फंड नहीं मुहैया कराया गया है। वह कहते हैं, ‘मरीजों की बाढ़ से निपटने के लिए अस्पताल में डॉक्टरों की कमी, जरूरी दवाओं की अनुपलब्धता, बेड और नर्सिंग स्टाफ की कमी से हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं। एसकेएमसीएच समेत राज्य सरकार द्वारा संचालित अस्पताल इस दिक्कत से जूझ रहे हैं। एसकेएमसीएच के सुपरिंटेंडेंट डॉ. एसके साही का कहना है कि एईएस के मरीजों के इलाज के लिए विभाग को अब तक कोई अतिरिक्त फंड नहीं मुहैया कराया गया है। वह कहते हैं, ‘मरीजों की बाढ़ से निपटने के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं हैं।’ संसाधन नहीं हैं। अस्पताल में डॉक्टरों की कमी, जरूरी दवाओं की अनुपलब्धता, बेड और नर्सिंग स्टाफ की कमी से हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं। मौके पर विवेक कुमार , आदित्य कुमार , बिट्टू कुमार , अभिनव राज , सिद्विराज सिंह , रईस , गोलू राज , राजू कुमार पटेल , पंकज कुमार राय , मनीष मिश्रा , प्रशांत मौर्य , नगर उपाध्यक्ष अतुल कुमार , रौशन कुमार आदि की मौजूदगी रही

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