पूरे देश में सोमवार को भाई और बहन के पवित्र रिश्ते का प्रतीक रक्षा बंधन का त्योहार धूमधाम से मनाया गया

 

श्रावस्ती :- कोरोना महामारी के बीच सोमवार को सावन की आखिरी सोमवारी और भाई बहनों का पवित्र पर्व रक्षाबंधन मनाया गया । जिले सहित पूरे देश में लाखों श्रद्धालु भोलेनाथ को सावन की आखिरी पांचवीं सोमवारी पर जलाभिषेक -रुद्राभिषेक किये तो दूसरी तरफ बहनें अपने भाइयों की कलाइयों पर रक्षासूत्र राखी बांधी ।
राखी भाई-बहन, गुरु-शिष्य, प्रकृति और मनुष्य के मध्य तारतम्य स्थापित कर सक्षम और समर्थ से अबला और कमजोर की सुरक्षा के संकल्प का त्योहार है।
रक्षाबन्धन एक हिन्दू व जैन त्योहार है जो प्रतिवर्ष श्रावण मास की पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। श्रावण (सावन) में मनाये जाने के कारण इसे श्रावणी (सावनी) या सलूनो भी कहते हैं। रक्षाबन्धन में राखी या रक्षासूत्र का सबसे अधिक महत्त्व है। राखी कच्चे सूत जैसे सस्ती वस्तु से लेकर रंगीन कलावे, रेशमी धागे, तथा सोने या चाँदी जैसी मँहगी वस्तु तक की हो सकती है।

रक्षाबंधन भाई बहन के रिश्ते का प्रसिद्ध त्योहार है, रक्षा का मतलब सुरक्षा और बंधन का मतलब बाध्य है। रक्षाबंधन के दिन बहने भगवान से अपने भाईयों की तरक्की के लिए भगवान से प्रार्थना करती है। राखी सामान्यतः बहनें भाई को ही बाँधती हैं परन्तु गुरुओं और परिवार में छोटी लड़कियों द्वारा सम्मानित सम्बंधियों (जैसे पुत्री द्वारा पिता को) भी बाँधी जाती है। घर मे मेहमानों का आना जाना रहता है। रक्षाबंधन के दिन भाई अपने बहन को राखी के बदले कुछ उपहार देते है। रक्षाबंधन एक ऐसा त्योहार है जो भाई बहन के प्यार को और मजबूत बनाता है, इस त्योहार के दिन सभी परिवार एक हो जाते है और राखी, उपहार और मिठाई देकर अपना प्यार साझा करते है।

इसी क्रम में जनपद श्रावस्ती के विकासखंड हरिहरपुर रानी के अंतर्गत ग्राम पंचायत ककरदरी निवासी पवन कुमार गुप्ता ने भाई व बहन की लंबी उम्र की कामना की वही बदले में भाइयों ने रक्षा करने का वचन दिया तथा आजी बुआ भाई बहन का आशिर्वाद प्राप्त किया

रिपोर्ट – मोहित गुप्ता IBN NEWS जमुनहा श्रावस्ती

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