जिलाधिकारी ने नौरंगा में लगाई चौपाल, ग्रामीण हुए खुश

– कुछ अंत्योदय कार्डधारकों पर लोगों ने आपत्ति की, डीएसओ जांच कर देंगे रिपोर्ट

– गांव में भ्रमण कर आवास व शौचालय का किया स्थलीय सत्यापन, लाभार्थियों से की बात

बलिया: डीएम श्रीहरि प्रताप शाही ने बुधवार को गंगा उस पार के गांव नौरंगा में चौपाल लगाई। पूरे गांव में भ्रमण कर आवास व शौचालय योजना के तहत बने आवास व शौचालय का स्थलीय सत्यापन किया। राशन, पेंशन जैसी योजनाओं के लाभार्थियों से सीधे बातचीत कर या ग्रामीणों से पूछकर आश्वस्त हुए कि पात्र को ही लाभ मिला है या नहीं। सरकार की विभिन्न लाभकारी योजनाओं के बारे में भी जानकारी दी गई।

गांव में पहुंचते ही जिलाधिकारी ने फेकू बाबा स्थान पर दर्शन किया। फिर वहां लोगों के बीच बैठकर गांव में हुए विकास कार्यों का सत्यापन करना शुरू किया। कार्डधारकों का नाम बोलना शुरू किया तो कुछ नाम पर लोगों ने आपत्ति किया कि जिनके पास वाहन आदि हैं उनका भी अंत्योदय सूची में नाम है। जिलाधिकारी ने डीएसओ को इसकी जांच कर रिपोर्ट देने को कहा।

आवास योजना के लाभार्थी भगवान प्रसाद के आवास को देखा कि पूरा हो गया है या नहीं। प्लास्टर व दरवाजा का काम बाकी था, जिसे करा लेने को कहा। उनका शौचालय देखा और उसका हमेशा उपयोग करने को प्रेरित किया। खंड विकास अधिकारी को निर्देश दिया कि पूरा धन भेज देने के बाद भी इस तरह अगर कोई आवास अधूरा है तो उसे पूरा कराएं। गांव में एकाध जगह लगे वाटर फिल्टर भी शोपीस बने हुए हैं। जिलाधिकारी ने उसे भी देखा और जल निगम से जरूरी पूछताछ करने की बात कही। गांव में सौर ऊर्जा के माध्यम से लाइट और पंखे की व्यवस्था को भी जिलाधिकारी ने देखा।

कुपोषण के प्रति किया जागरूक

 

– चौपाल में जिलाधिकारी ने लोगों से कहा कि कुपोषण के प्रति भी जागरूक होने की आवश्यकता है। 30 सितंबर तक चलने वाले पोषण माह की गतिविधियों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि जो पोषाहार मिल रहा है बच्चों को जरूर खिलाएं। अपने बच्चों के पोषण पर विशेष ध्यान दें, ताकि वे कुपोषण का शिकार होने से बच सकें।

सावधानी बरतें, कोरोना से बचें

गांव में स्थलीय सत्यापन करने पहुंचे डीएम श्री शाही ने ग्रामीणों से अपील किया कि कोरोना महामारी से सावधान रहें। मास्क या गमछा से नाक व मुंह को अच्छी तरह ढककर रखें। सावधानी बरतें ताकि हम सब यह कह सकें कि पूरे देश में जो बीमारी फैली, उसको नौरंगा में नहीं आने दिया।

पंचायत भवन तक जाने वाली सड़क बनवाएं

पंचायत भवन को जाने वाली सड़क बनवाने में रुचि नहीं लेने पर सचिव व प्रधान से कारण पूछा। सचिव को फटकार भी लगाई। कहा, शीघ्र ही किसी फंड से इसे बनवाने की प्रक्रिया शुरू करें। बेहतरीन पंचायत भवन बनाने का क्या फायदा, जब वहां जाने वाली सड़क ही खराब है। डीएसओ केजी पांडेय, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ अशोक कुमार, एनडीआरएफ के अनिल शर्मा समेत ग्रामीण मौजूद थे।

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जिलाधिकारी ने ड्रेजिंग कार्य व कटान का लिया जायजा

पानी घटते ही अक्टूबर से शुरू करा दें मुख्य नदी में ड्रेजिंग का कार्य

बलिया: जिलाधिकारी एसपी शाही ने नौरंगा क्षेत्र में भ्रमण कर बाढ़ व कटान का जायजा लिया। उन्होंने नदी उस पार पचरुखिया दियारे से धारा मोड़ने के लिए किए गए खुदाई व ड्रेनेज कार्य को देखा। बाढ़ खण्ड के अधिकारियों से बचाव कार्य सम्बन्धी जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

ड्रेजिंग कार्य के निरीक्षण के दौरान बताया गया कि यह प्रोजेक्ट 13 किलोमीटर का था, लेकिन समय से पहले पानी आ जाने की वजह से पहले चरण में 3650 मीटर लंबाई में काम कराया गया। हालांकि, इसमें भी 1900-2600 मीटर तक करीब 700 मीटर खुदाई का कार्य तो पूरा हो गया है, लेकिन ड्रेजिंग का कार्य नहीं हो सका। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जैसे ही जलस्तर कम होता है इस कार्य को पूरा करा दिया जाए। अगले वर्ष का इंतजार नहीं करें। उन्होंने कहा कि पानी घटने के बाद अगर इसी वर्ष यह काम पूरा हो जाए तो अगली बाढ़ में काफी कारगर साबित होगा। मुख्य नदी में ड्रेजिंग का कार्य अक्टूबर से शुरू करके अगले वर्ष मई तक हर हाल में खत्म करने के निर्देश दिए। इस मौके पर एसडीएम सुरेश पाल, एनडीआरएफ के टीम लीडर अनिल शर्मा, बाढ़ खण्ड के एक्सईएन संजय मिश्र, एसडीओ कमलेश कुमार आदि रहे।

खेतों में हो रहे कटान को देखा

जिलाधिकारी ने नौरंगा जाते समय बीच में गंगा के किनारे हो रहे कटान को देखा। जिला पंचायत द्वारा बनाई गई पुलिया, जो इसी बाढ़ में तेज धारा के बीच बह गई, उसे भी देखा। कटान जहां हो रही थी, उस पूरे क्षेत्र में नाव से भ्रमण कर स्थिति देखी।

ड्रेजिंग कार्य का नक्शा रिपोर्ट तीन दिन में दें

ड्रेजिंग कार्य के निरीक्षण के बाद जिलाधिकारी ने बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता को निर्देश दिया कि अब तक हुआ ड्रेजिंग कार्य का चैनलवार अलाइंगमेंट और यह किस-किस गांव के किस गाटा से गुजरा है, तीन दिन के अंदर सर्वे करके रिपोर्ट दें। बताया कि सितंबर महीने में ही राजस्व विभाग के स्तर से इसका परीक्षण कराया जाएगा।

स्थानीय गोताखोरों को चार दिवसीय ट्रेनिंग देंगे एनडीआरएफ के जवान

बाढ़ क्षेत्र के भ्रमण के दौरान जिलाधिकारी ने एनडीआरएफ के टीम लीडर अनिल शर्मा से जरूरी जानकारी ली। कहा, फिलहाल कहीं रेस्क्यू जैसी स्थिति नहीं है। ऐसे में खाली समय का सदुपयोग किया जाए। उन्होंने कहा कि स्थानीय गोताखोरों/मल्लाहों को ट्रेंड करने की पहल की जाए। इसके लिए सितम्बर महीने के चौथे सप्ताह में बकायदा चार दिवसीय आवासीय ट्रेनिंग आयोजित किया जाए। कम से कम 50 स्थानीय गोताखोर एनडीआरएफ के जवानों के माध्यम से ट्रेंड हो जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि इमरजेंसी में स्थानीय गोताखोर हमेशा काम आते हैं। ऐसे में ये और ट्रेंड हो जाएंगे तो बेहतर रहेगा।

रिपोर्ट वरुण चौबे IBN News ब्यूरो बलिया

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