मचा त्राहिमाम… बनारस से चंदौली पहुंचा जाम का झाम, 26 किलोमीटर हाइवे पर हुआ जाम, आवागमन पड़ा ठप…!

शायद आप हैरान हों लेकिन यह सोलह आने सच है कि नेशनल हाईवे -दो का सफर रुला देने वाला है। बनारस के विश्वसुंदरी पुल के मरम्मत कार्य के कारण पुल से वन वे ट्रैफिक का संचालन किया जा रहा है। जिस कारण गंगा नदी पर बने इस पुल से दिल्ली से कोलकाता एवं कोलकाता से दिल्ली दोनों तरफ के वाहनों को एक लेन से होकर गुजरना पड़ रहा है। आपको बता दें कि विश्व सुंदरी पुल से एक ट्रक के गुजरने में तकरीबन 10 मिनट से ऊपर का समय लग जा रहा है। वहीं यदि किन्हीं कारणवश ट्रक या अन्य वाहनों का पहिया थमा तो अंदाजा खुद ही लगा लें कि कितनी ट्रैफिक में बढ़ोतरी होगी। लगातार जाम के झाम की विभीषिका से गुजर रहा बनारस से सिंघीताली तक हाइवे पर जाम के कहर से त्राहिमाम मच गया है। क्योंकि जाम का यह झाम सिंघीताली से बढ़कर चंदौली तक पहुंच गया। एक लेन में जाम की इस विभीषिका के तहत विपरीत दिशा से वाहनों का संचालन इस कदर बढ़ा की दोनों तरफ के लेन वाहनों की लंबी कतारों से भर गए। लाजिमी है कि वाहनों के पहिये थम से गए।
जी हां, हाइवे पर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें, थमे पहिये जाम की विभीषिका के खुद बानगी हैं। स्थिति इतनी विषम बन गई कि वाहनों को गोली मारिये..पैदल चलना भी दुश्वार हुआ है। यही कारण है कि नेशनल हाईवे पर वाहनों का आवागमन ठप ! अब इस विभीषिका की जद में राहगीर एवं मरीज सभी फंसे और तीखी धूप में झुलसने को मजबूर हैं।

हाइवे जाम की जद में आ गया और उदासीन प्रशासन का रवैया लचीला ही देखने को मिला। मानो खुद जगह-जगह लगी पुलिस प्रशासन खुद खड़ी मूकदर्शक बनी जाम से निजात को राह तलाश रही हो।
ट्रैफिक जाम की बदहाल यही व्यवस्था रही तो यह कहना गलत नहीं होगा कि हाइवे जाम की जद में शामिल हो जाएगा। यदि बात करें एनएचएआई प्रशासन की कार्ययोजना की तो विश्व सुंदरी पुल का मरम्मत कार्य काफी धीमी गति से है। ट्रैफिक गार्ड्स एवं कर्मचारियों की तैनाती कर एनएचएआई प्रशासन जाम की जद से हाइवे को उबारने की कोशिश तो की लेकिन धीमी गति से पुल का मरम्मत कार्य होना भी जाम का एक बड़ा रोड़ा बना है। वहीं इस विभीषिका से उबारने में प्रशासन की भूमिका भी नगण्य ही है। जाम की इतनी बड़ी विभीषिका को खत्म करने की जिम्मेदारी वाराणसी ट्रैफिक पुलिस द्वारा मात्रा दो कर्मियों के भरोसे है। जबकि होना चाहिए कि जगह -जगह पर विपरीत दिशा से आ रहे वाहनों की रोकथाम के लिए पुलिस व्यवस्था मुकम्मल हो। एक तथ्यपरक मसला यह भी है कि विश्वसुंदरी पुल से दो रूटों के वाहनों का संचालन किया जाता है। पुल के नीचे से चुनार-सोनभद्र से ओवरलोड़ वाहनों का संचालन भी होता है। अधिकतर यह भी हाइवे जाम की जद में रहता है। जिस कारण दुश्वारियों का सामना करना पड़ता है। इस जाम की विभीषिका से राहत दिलाने का मात्र एक ही विकल्प है वह है पुलिस प्रशासन एवं एनएचएआई प्रशासन की सुदृढ़ रणनीति एवं कार्ययोजना,तभी इस जाम की जद से निजात मिल सकता है।

विशेष रिपोर्ट ओ पी श्रीवास्तव IBN NEWS

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