कविता क्या देती है ? रविकेश मिश्र

IBN NEWS देवरिया

कविता क्या देती है ?

रविकेश मिश्र
*****
उन्हीं दिनों,जब कॉलेज में तीन-चार कमरे मात्र बन सके थे, स्वनामधन्य श्रद्धेय पंडित विद्यानिवास मिश्र जी स्वयं ही कृपा पूर्वक हमारे कॉलेज में आने की इच्छा जताई। मैं उनके छोटे भाई आदरणीय डॉ महेश्वर मिश्र जी के सुपुत्र चि अरविन्द मिश्र की शादी में भलुहा गया हुआ था। वहीं पंडित जी से भेंट हुई और उनकी कृपा बरसी—- ‘हम तोहरे कॉलेज में आइल चाहऽतानी,हो रविकेश!’ के अभागे राम न भावें! मैंने हाथ जोड़कर विनय पूर्वक इस कृपा को माथे पर धारण किया। उन्होंने बताया कि बनारस पहुंच कर मैं आने की तिथि बताऊंगा। बताया उन्होंने कि मैं इस तारीख को गोरखपुर आऊंगा,वहां से तुम मुझे बुलवाने की व्यवस्था कर देना। और देखो, तुम्हारे यहां श्री रामचन्द्र खान जी डी.आई.जी. होकर आए हैं,उन्हें भी मेरे कार्यक्रम की सूचना दे देना। सब कुछ उनके कहे अनुसार हो गया। खान साहब पूरे पुलिसिया रोब दाब के साथ आ गये। उनकी ही अध्यक्षता यह व्याख्यान हुआ, जिसका चित्र पोस्ट के साथ संलग्न है। मैं प्रधानाचार्य की हैसियत से बगल में बैठा हूं।

अज्ञेय जी के इकहत्तरवीं वर्षगांठ के आयोजन का प्रसंग हम लोगों ने तय किया था। पंडित जी ने अपने वक्तव्य में इस प्रसंग को इस बड़े प्रश्न से जोड़ दिया कि कविता क्या देती है? श्रोतासमूह की साहित्यिक गति को ध्यान में रखते हुए उन्होंने वाल्मीकीय रामायण के उस अंश को व्याख्यायित किया,जब लक्ष्मण लंका युद्ध में मूर्छित हैं, हनुमान औषधि लाने गये है और राम वंधु विछोह की आशंका में धारासार विलाप कर रहे हैं। पंडित जी ने पूछा कि राम हमारे कौन हैं ? कोई सगे संबंधी तो नहीं हैं, फिर भी हमारी आंखें क्यों बरसने लगती हैं ? यही कविता देती है, अपनी छोटी सीमाओं से परे ले जाकर एक अपरिचित अज्ञात व्यक्ति की पीड़ा के साथ बृहत्तर मानुष भाव से जोड़ देती है। कुछ क्षणों का यह रूपांतरण एक ऐसी तृप्ति से भर देता है,जो बाकी किसी अन्य विधि से संभव नहीं होता।

खान साहब के अध्यक्षीय संबोधन के पश्चात सभा सम्पन्न हुई। यह एक छोटे से वित्तरहित महाविद्यालय का एक बड़ा-सा कार्यक्रम था। अब महाविद्यालय में अनेक कमरे बन गये, सरकारी धन का लाभ उठाया जा रहा है, पर ऐसे कार्यक्रम पर दूर दूर तक कोई छाया तक नहीं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

WhatsApp For any query click here