महिला प्रधान ने दिया विकास पुरूष व जननायक दोनो को झटका शिकायत कर्ता करेगा आत्मदाह

 

गाजीपुर:15 अगस्त को जननायक सहजानंद की वाटिका मे आत्मदाह करेगे बोधा जायसवाल

यूपी के देंवा गाव से राकेश पाण्डेय की ग्राउंड रिपोर्ट

गाजीपुर: दूसरे गांव के दो दर्जन अल्पसंख्यकों को गलत तरीके से गांव की खाली जमीन पट्टा करने, उज्ज्वला कनेक्शन का पैसा वसूलने के साथ विकास की आड़ मे लाखो की लूट का आरोप तय होने के बाद भी अफसरो द्वारा कारवाई मे हीलाहवाली से नाराज शिकायत कर्ता ने स्वतंत्रता दिवस पर आत्मदाह करने की घोषणा कर दी है जिससे जिले भर मे हडकंप मच गया है.

सहजानन्द की स्मृतियां सजोने के लिए मनोज सिन्हा ने लिया था गोद

गाजीपुर जिले मे 2014 मे सांसद बनने के बाद विकास पुरुष मनोज सिन्हा ने जिस गांव को गोद लिया वह गाँव किसान आन्दोलन के प्रणेता स्वामी सहजानंद सरस्वती का है जो किसान आन्दोलन की अगुवाई करते थे. उस देंगे गांव मे एक ही परिवार 15 सालो से प्रधानी पर कब्जा जमाये हुए है गांव के विकास के लिए सरकार की चलाई गयी योजनाओं मे घोटाले की शिकायत लगातार चार साल से डीएम, कमिश्नर यहा तक की योगी आदित्यनाथ से भी की गयी लेकिन महिला प्रधान का पुत्र ही काला कारोबार चलाता है. पांच साल बीतने को है महिला प्रधान को गाँव के लोगो ने देखा ही नही है.

1700 रूपये मे उज्ज्वला का कनेक्शन बेचता सै प्रधान पुत्र शमसाद

गांव मे मनमानी का आलम यह है कि प्रधान पुत्र शमसाद ने तमाम लोगों को उज्जवला का गैस व चूल्हा भी 1700 रूपया जमा कराने के बाद ही दिया है.पैसे की कमी के चलते तमाम लाभार्थियों का चूल्हा सिलेंडर तक हडप कर खुले बाजार मे बेचने या अपने चहेतो जो अपात्र है उनको दे दिया है.

दूसरे इलाके के 50 अल्पसंख्यक परिवारो को गांव मे कर दिया पट्टा

गांव वालों का आरोप है कि प्रधान पति शातिर अपराधी है. और उसने अपना वोट बैंक बढाने के लिए 50 से अधिक ऐसे अल्पसंख्यक परिवारो को गांव के पात्रो के लिए खाली छोडी गयी जमीने लाखो रुपये वसूल कर पट्टा कर दिया है.

दुल्हपुर मे ब्याही बहन व रिश्तेदारो को बनाया है मनरेगा जाब कार्ड

आरोप के अनुसार प्रधान की मुह बोली बहन, भांजा, समेत 1 दर्जन ऐसे लोग है जो गैर गांव के रहने वाले है लेकिन सभी को मनरेगा का जाब कार्ड बना कर उनको आत्मनिर्भर बनाने का काम किया जा रहा है. जबकि गांव के पात्र मारे मारे फिर रहे है.

नही हुई कोई खुली बैठक न ही प्रधान दुखनी का किसी को हुआ दीदार

आरोप के अनुसार गांव मे कभी भी न खुली बैठक हुई है, अफसरों का आना हो या विकास पुरुष मनोज सिन्हा का कोई आयोजन शायद ही महिला प्रधान दुखनी अंसारी किसी से मिली हो या किसी ने देखा है न ही कोई मिल पाता है. महिला प्रतिनिधि को लेकर सरकार की मंशा पर करारी चोट करने की यह कोशिश सारे अफसर भी जानते है.

मजबूर होकर शिकायत कर्ता ने लिया आत्मदाह का निर्णय, मचा बवाल

जब मामलो को लेकर सालो से संघर्ष कर रहे गांव निवासी बोधा जायसवाल ने देखा कि 15 साल मे सरकार की ओर से गांव मे भेजे गये करोड़ों रूपये लूटे जा रहे गाव मे विकास की बजाय बिवादो की गंगा बहने लगी तो उन्होंने डीएम, कमिश्नर, मुख्यमंत्री सबसे मिलकर बात की लेकिन बात नही बनी. आजिज आकर श्री जायसवाल ने 15 अगस्त के मौके पर गांव मे स्थित जननायक स्वामी सहजानन्द सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष आत्मदाह करने का निर्णय किया है. और इसकी सूचना जिला प्रशासन को दे दी है.

दोषी प्रधान व पुत्र जाय जेल रिकवरी कराने को भी बोधा तैयार

और साफ चेतावनी दिया है कि करोडो के घोटाले व सरकारी पैसे की बंदरबांट के दोषी देवा गांव की महिला प्रधान व प्रधान प्रतिनिधि पुत्र के खिलाफ कारवाई नही होगी तो आत्मदाह कर लेगे. नही तो रिकवरी कराकर ही दम लेगे.

एफबीओ- यूपी के गाजीपुर जिले की जखनियां तहसील का देंवा गांव आज भी बदहाली से जूझ रहा है. लोगो की सारी शिकायत और आरोप बेजान कर दिए गये अफसरो पर मनमानी व वसूली का भी आरोप है देखना है कि आगे क्या कारवाई होती है या हर बार की तरह इस बार प्रशासन शिकायत कर्ता को ही जेल न भेज दे. प्रधान पुत्र शमशाद गाव मे आने वाले पत्रकारो को गाजीपुर मे रहने वाले आधा दर्जन बार पिट चुके पत्रकार अनिल कुमार का नाम बताकर पत्रकारो पर भी दबाव वनाता है. और बताता है कि मेरे बडे भाई एबीपी न्यूज़ चैनल के गाजीपुर के बडे पत्रकार है मेरा कुछ नही विगडेगा.

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